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तेरे प्यार में मैंने ली है ये कसम


तेरे प्यार में मैंने ली है ये कसम
धड़कन पे लिख दिया है
तू ही मेरा पिया है
अब होगी न प्यार कम

दिल की हर धड़कनों से,
खुशबू आती तुम्हारी
साँसों में बस गई है,
यादे न जाती तुम्हारी

तेरी यादे वो यादे,
तेरी बाते वो बाते

बहकी सी है हवाएं,
महकी सी है फ़िज़ाए
खोने लगे है हम

तू सनम तू मेरा रब ,
कुछ नहीं दरमियां अब
साँसे भी कह रहीं है ,
मिट गई दूरियां अब

गम है जाना वो जाना ,
दिल ने माना वो जाना

साँसे ये कह रही है ,
धड़कन ये सुन रही है
होंगे जुदा न हम

इज़हार-ए- इश्क़ : प्यार है, इसे कैसे छोड़ दू



























कुछ और होता तो छोड़ देता
प्यार है, इसे कैसे छोड़ दू

तुम मेरे हो नहीं सकते
तो क्या हुआ
जिसे दिल दे चूका हूँ
उसी का दिल कैसे तोड़ दू

तुम्हे देख भी नहीं पाता
तो क्या हुआ
तेरी तस्वीर तो आँखों में
बसी है मेरे

चंद लब्ज़ो में लिखकर 
कैसे बयां कर दू 
तेरे लिए क्या  है
इस दिल में मेरे

मेरे सारे रास्ते अब 
तेरे ही दिल तक जाते है 
अब तू ही बता इन्हे कैसे मोड़ दू

तुझसे हकीकत में मिल नहीं पाता
तो क्या हुआ
कल ही तो ख़्वाबों में
मिला था तुझसे

बातों ही बातों में तूने
हँसकर कहा था
कोई प्यार – व्यार तुझे
नहीं है मुझसे

हाल ए दिल तो सारा 
बयां कर दिया मैंने
अब तू ही बता क्या
इस दिल को निचोड़ दू

यार आख़िरकार दिल है मेरा, सिटीबस की सीट थोड़े ही न है

 

यार आख़िरकार दिल है मेरा 

सिटीबस की सीट थोड़े ही न है
जब जो चाहे आकर बैठ जाये

सफ़र पूरा होते ही धीरे से उठे
फिर नज़रे फेरे और ऐंठ जाये

ये दिल तो बस तुम्हारा
एक आरक्षित सीट है

इसपर किसी और को
थोड़े ही न परमिट है

तुम बैठो तो समझो
सीट की किस्मत चमकी

दूसरी सवारी तो एक पल में
इससे निकली जाएगी

दिल के मेरे इस सीट पर
तुम बैठो या फिर खड़े रहों

इस सफ़र में तुम्हारे बिना
ये सीट ख़ाली जाएगी